Mahagatha

Mahagatha
Category Fantasy
Collection Eastern Fantasy

🎧 About Mahagatha

Mahagatha begins with the powerful story of Neel Vayuputra, once the proud crown prince of Sundar Nagar, now reduced to a life of hardship as a slave. His world breaks apart after a harsh betrayal by those he trusted. Now, he faces a cruel reality full of manipulation and danger at every turn. Even as he struggles to survive, the pain of losing everything he once had continues to haunt him.

Just when Neel begins to accept his fate, he discovers that his beloved sister is in grave danger. This heartbreaking truth pushes him into a difficult choice—protect himself or risk everything to save her. His journey takes him through twisting conspiracies that go far beyond his own pain. Each step reveals hidden motives, dark secrets, and powerful enemies who threaten not just his family, but the entire world.

As Neel faces forces far greater than he imagined, he learns that courage is his only true weapon. The path ahead is uncertain, and the weight of destiny presses heavily on him. Yet, he refuses to give up, driven by love, loyalty, and an unbreakable will.

This story of betrayal, sacrifice, and strength asks if Neel can face huge challenges. Can he protect what’s left of his world, or will fate take away everything he loves? Through his journey, Mahagatha unfolds as an emotional and gripping saga of humanity’s fight against darkness.

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Mahagatha totals 1500 thrilling episodes. The story will hook you from start to finish.

Mahagatha

  • 1 : मानवता ही परम धर्म है!
  • 2 : कैदी का जीवन…
  • 3 : नील की नियति
  • 4 : भृगु ऋषि का आशीर्वाद, नवनाग हांडी!
  • 5 : क्या नील वायुपुत्र पागल हो गया है?
  • 6 : चोर-चोर मौसेरे भाई!
  • 7 : वायुपुत्र का इंसाफ!
  • 8 : एक और षड्यंत्र!
  • 9 : नील की चिंता, करो या मरो!
  • 10 : शिष्य मूल्यांकन दिवस! और एक राजकुमारी
  • 11 : बदले की आग!
  • 12 : भाईयों की भिड़ंत!
  • 13 : नन्दी सहस्र मुष्टिका बस एक मुक्का!
  • 14 : नील वायुपुत्र की ललकार!
  • 15 : नील वायुपुत्र और राजकुमारी मणिकर्णिका
  • 16 : नील वायुपुत्र के खिलाफ़ साज़िश!
  • 17 : अघोरा का आतंक!
  • 18 : टूटती उम्मीद
  • 19 : जल उठा नील वायुपुत्र, लेकिन खाक नही हुआ!
  • 20 : नियति का एक और खेल!
  • 21 : नील वायुपुत्र अभी तक मरा नही है?
  • 22 : भंडारण अंगूठी, एक खज़ाना!
  • 23 : सप्तसिंधु आश्रम की चुनौती!
  • 24 : पुराने दुश्मन से नई लड़ाई!
  • 25 : ताकत की जरूरत
  • 26 : परीक्षा की पहली दौड़!
  • 27 : एक ज़ोरदार टक्कर!
  • 28 : स्वीकार है नियति का फैसल!
  • 29 : जहरीली हथेली का ज़बरदस्त मुक्का
  • 30 : शुभांगी को चाहिए नील वायुपुत्र!
  • 31 : नील का भविष्य अंधकार में?
  • 32 : शाही शक्ति मुहर और खूनी पहाड़ी
  • 33 : भ्रमित करने वाला जादुई जाल!
  • 34 : परीक्षण या पलटवार?
  • 35 : बेगुनाही साबित करो!
  • 36 : देवदत्त और मिमोह की दोस्ती का राज़
  • 37 : भ्रम जानवरों से भिड़ंत
  • 38 : कुलीन परिवारों से पंगा!
  • 39 : बेवकूफों का मुखिया
  • 40 : भूमि भक्षक अजगर का आतंक
  • 41 : राणावत परिवार का जांबाज़, रणधीर!
  • 42 : यशवंत की घटिया चाल!
  • 43 : दुविधा दानव की, “भागो!”
  • 44 : दानव के पास है, दो दिल!
  • 45 : परीक्षा के परिणाम, आचार्यों में होड़!
  • 46 : शुभांगी की शर्त
  • 47 : आत्मा का दबाव, पराशर भवन!
  • 48 : आत्मा का हमला!
  • 49 : दिव्यनाग की सलाह
  • 50 : काली पहाड़ी का रहस्य!
  • 51 : नए दुश्मन, नए पंगे!
  • 52 : हर चुनौती के लिए तैयार है, नील वायुपुत्र
  • 53 : मुकाबले का दिन!
  • 54 : दाँव, मुकाबला और चूहे बिल्ली का खेल
  • 55 : हैरान कर देने वाला परिणाम!
  • 56 : नील का न्याय!
  • 57 : नीलिमा का सच!
  • 58 : हड़बड़ी में गड़बड़ी
  • 59 : नया सफर और एक जासूस!
  • 60 : खूंखार नरभक्षी कीड़े!
  • 61 : शाही सैनिक, रक्षक या भक्षक?
  • 62 : शौर्य या समझदारी, क्या चुनेगा नील?
  • 63 : सफ़ेद खोपड़ी, काली खोपड़ी
  • 64 : अंजान खतरा!
  • 65 : बहुत कीड़े है!
  • 66 : हलक में जान
  • 67 : मरता, क्या ना करता?
  • 68 : नील की तो, निकल पड़ी!
  • 69 : दुश्मन का दुश्मन, दोस्त होता है!
  • 70 : दुश्मनों का आमना सामना!
  • 71 : यक्षित की रिहाई
  • 72 : नील के असली इरादे
  • 73 : नील की योजना, दुश्मन हुए अधीर!
  • 74 : एक नई तरह की लड़ाई, खोपड़ी भाई!
  • 75 : ताकत की भी एक सीमा होती है!
  • 76 : सेर को सवा सेर! सूबेदार हिमेंद्र
  • 77 : इंसाफ की मूर्ति, वीरभद्र!
  • 78 : अम्बर दल पर संकट!
  • 79 : आन-बान-शान!
  • 80 : अब लड़ेगा नील वायुपुत्र!
  • 81 : शुभांगी का जाल, अखाड़े में बवाल!
  • 82 : चक्रों का चक्कर, कांटे की टक्कर!
  • 83 : कड़े मुकाबले ने किया मजबूर
  • 84 : जीत का जश्न, और हिसाब किताब!
  • 85 : काली पहाड़ी की दहशत!
  • 86 : नीलिमा के ऊपर प्रेम जाल!
  • 87 : देवदत्त की सज़ा
  • 88 : विमोह शेखावत बनाम नील वायुपुत्र!
  • 89 : अहंकार की लड़ाई!
  • 90 : असुर दैवीय मुष्टिका!
  • 91 : दबाव में पैदा होता है, हीरा!
  • 92 : मिलकर भी, हम ना मिले
  • 93 : शक्ति स्रोत से छुटकारा
  • 94 : देवनिधि नीलामी घर!
  • 95 : महागुरु की बहुमूल्य पुस्तक, नीलाम!
  • 96 : सनकी! साकेत भार्गव आया सामने
  • 97 : आखिर देवमूल सार है क्या?
  • 98 : नीलामी खत्म और खेल शुरू
  • 99 : साकेत पागल, तो नील महापागल!
  • 100 : स्वर्ण वायु भवन और खूबसूरत काम्या
  • 101 : सहस्त्र हथियार संग्रहालय
  • 102 : जंग की तैयारी?
  • 103 : एक नया अभियान!
  • 104 : कौन है शीर्ष बाहरी शिष्य?
  • 105 : दानव की दहाड़! नील रेखा के पार
  • 106 : महागुरु दामोदर दास की विरासत!
  • 107 : वाराह वन! अभियान या अग्निपरीक्षा?
  • 108 : तलवार के तीन हमले
  • 109 : जो डर गया, वो मर गया!
  • 110 : ज़िन्दगी और मौत का खेल!
  • 111 : छिप कर वार!
  • 112 : देवकन्या दल की लड़कियां
  • 113 : शैलजा हुई नील पर फ़िदा
  • 114 : शैलजा, नील और दानव सेनापति
  • 115 : नील को समर्थन, शर्मिंदा हुआ दुश्मन!
  • 116 : एक या दो नहीं, छह दानव सेनापति!
  • 117 : नील वायुपुत्र का पराक्रम!
  • 118 : �गंदे तलवार राज”
  • 119 : हिमांग नगर के लालची वैद्यराज
  • 120 : श्यामल साम्राज्य पर खतरा!
  • 121 : थप्पड़ों की बौछार
  • 122 : हिमांग नगर पर दानव हमला!
  • 123 : इंसानी दानव, कालेश भार्गव!
  • 124 : आत्मरक्षा कोई अपराध नहीं!
  • 125 : विरोधक शक्ति का कमाल, बेमिसाल!
  • 126 : सुंदर मृणालिनी! लड़की है या मुसीबत?
  • 127 : मृणालिनी की कैद में नील!
  • 128 : प्रधान सेनापति जगमोहन
  • 129 : मृणालिनी का आक्रोश!
  • 130 : महासंग्राम की शुरुआत!
  • 131 : काली धुंध का दलदल!
  • 132 : नील से जुड़ी है, सबकी उम्मीदें!
  • 133 : क्या नील वायुपुत्र इंसान है?
  • 134 : शेर और तेंदुए की लड़ाई!
  • 135 : एकता में बल!
  • 136 : हिमांग नगर की जीत!
  • 137 : जीत का पुरस्कार, तीन उपहार!
  • 138 : जादूई पत्थर और सप्त निर्वाण वटी
  • 139 : शरीर ही सर्वोच्च हथियार है!
  • 140 : नहले पर दहला!
  • 141 : नीलमणि घाटी का रहस्य
  • 142 : चमत्कारी घाटी में प्रवेश!
  • 143 : मृत्युंजय महल
  • 144 : नकाबपोश लड़का और महान परिवार!
  • 145 : विशाल कठपुतली दैत्य…
  • 146 : मृत्युंजय महल का खज़ाना!
  • 147 : दैत्याकार मछलियों का हमला!
  • 148 : मौत का अखाड़ा
  • 149 : जीवन का शाश्वत सत्य
  • 150 : अंतिम विजेता!
  • 151 : मानव कठपुतली, चिरंजीवी चीरु
  • 152 : नील का शक्ति परीक्षण
  • 153 : आत्मा की परीक्षा
  • 154 : �एकाग्र कल्पना शक्ति” तकनीक
  • 155 : जहरीले सांप और क्रोधी आत्माएं
  • 156 : सम्राट की आत्मा का अंश!
  • 157 : महावीर योद्धा नील वायुपुत्र!
  • 158 : महान परिवारों के ढीठ!
  • 159 : अहंकारी के सामने विनम्रता व्यर्थ!
  • 160 : हथकड़ी से करेंगे नील का स्वागत
  • 161 : झूठा आरोप!
  • 162 : नील वायुपुत्र बनाम साकेत भार्गव
  • 163 : साकेत भार्गव का अंत!
  • 164 : कौन है सच्चा? और कौन झूठा?
  • 165 : छोटी काली पहाड़ी
  • 166 : कानूनी कार्यवाही या साज़िश?
  • 167 : मौत की सज़ा!
  • 168 : बेगुनाही का सबूत
  • 169 : राजकुमारी शुभांगी का इंसाफ!
  • 170 : पारिवारिक प्रतिस्पर्धा
  • 171 : भ्रामक सरोवर और जलदानव
  • 172 : मछली की पूंछ!
  • 173 : कुल्हाड़ी! नील पर भारी
  • 174 : समय समाप्ति की घोषणा!
  • 175 : एक और पंगा!
  • 176 : नील वायुपुत्र बनाम बलराज पटेल
  • 177 : एक और दुश्मनी
  • 178 : नील के खिलाफ़ नई साज़िश!
  • 179 : आचार्य केतुपति की योजना
  • 180 : अनकही ललकार!
  • 181 : मदद की गुहार
  • 182 : मान परिवार के उद्दंड कर्मचारी
  • 183 : मान ना मान, मै तेरा मेहमान!
  • 184 : प्रेम, दूरियां और नाराज़गी…
  • 185 : प्यार की लड़ाई…
  • 186 : चोरी और सीनाज़ोरी
  • 187 : एक भाला और बारह हमले!
  • 188 : पिता की मृत्यु का सच?
  • 189 : नील वायुपुत्र बनाम गुरकीरत मान
  • 190 : फ़ैसले की घड़ी!
  • 191 : जान बचाकर भागा नील…
  • 192 : रंग बदलता गुरकीरत
  • 193 : शैलजा का सवाल
  • 194 : एक उच्च हथियार, भीमेश तलवार!
  • 195 : महागुरु की अधूरी रचना
  • 196 : �आकर्षण की कला”
  • 197 : अग्निवर्षा पर्वत और अमूल्य तलवार!
  • Episode Ep 198- नील का विश्वास, या बेवकूफी?
  • 199 : �रजत प्रभा” और दो आचार्य
  • 200 : मूर्ख! नील या आचार्य?
  • 201 : एक नई परेशानी!
  • 202 : पैसों की बारिश!
  • 203 : �सप्त शायक वेदी’ की चुनौती!
  • 204 : इंसान, जानवर, भूत या राक्षस?
  • 205 : नया बकरा, ऋतुभान!
  • 206 : �तलवार चेतना” की शक्ति
  • 207 : आंतरिक शिष्य परीक्षा!
  • 208 : शीर्ष आंतरिक शिष्य!
  • 209 : नई चाल!
  • 210 : मायावी शरीर प्रशिक्षण!
  • 211 : शीर्ष दल प्रतियोगिता का आरंभ!
  • 212 : सप्तसिंधु आश्रम के कुलपति!
  • 213 : मुकाबले का प्रथम चरण!
  • 214 : मैं हार स्वीकार करता हूँ!
  • 215 : अपमान का बदला!
  • 216 : रहस्यमय तमिश!
  • 217 : बड़बोले पन का नतीजा!
  • 218 : अग्नि-मृत्यु सरणी!!
  • 219 : एक भीषण मुकाबला!
  • 220 : जैसे को तैसा!
  • 221 : अहंकारी तमिश
  • 222 : तलवार कदम तकनीक!
  • 223 : नील बनाम जागृति भार्गव!
  • 224 : आर या पार की लड़ाई!
  • 225 : नील पर दांव!
  • 226 : हेमंत का बदला!
  • 227 : नया रहस्य!
  • 228 : तमिश की महत्वाकांक्षा!
  • 229 : असुर दैवीय मुष्टिका का रहस्य
  • 230 : एक रोमांचक मुकाबला!
  • 231 : वैभव की चुनौती!
  • 232 : पुराने दुश्मन से मुकाबला!
  • 233 : नील बनाम विमोह शेखावत!
  • 234 : पर्वतीय कमल उंगली!
  • 235 : नहले पर दहला!
  • 236 : �योद्धा का दिल” घायल!
  • 237 : कहीं आत्मज्ञान, कहीं षड्यंत्र!
  • 238 : आफत में पड़ी जान!
  • 239 : छोटी चुडैल, मंदाकिनी!
  • 240 : छाया का छलावा!
  • 241 : हलक में जान!
  • 242 : नील पर घातक हमला!
  • 243 : चोर की दाड़ी में तिनका!
  • 244 : कुलपति की सजा
  • 245 : प्रशांत की अजीब तकनीक!
  • 246 : नील बनाम मन्दाकिनी!
  • 247 : नील पर हावी होती मन्दाकिनी!
  • 248 : शुभांगी की चिंता
  • 249 : अहंकार पर चोट!
  • 250 : नील का हौसला पस्त…
  • 251 : अंजाना खतरा!
  • 252 : सच, झूठ का खेल!
  • 253 : एक अद्भुत प्रदर्शन!
  • 254 : नील और नीलिमा का रहस्य?
  • 255 : स्वर्ग की तलवार और सितारों की शक्ति
  • 256 : दो अनमोल रत्न!
  • 257 : �संहारक तलवार पर्वत” एक मौका!
  • 258 : तलवार आत्मा और गन्धर्वों का खौफ!
  • 259 : गन्धर्वों की सुंदर कन्या
  • 260 : हिम तलवार का स्वामी!
  • 261 : शक्ति की सीमा!
  • 262 : मुझे आपसे मुकाबला करना होगा!
  • 263 : हार-जीत का फैसला!
  • 264 : तमिश बनाम प्रशांत
  • 265 : नीलिमा की आज़ादी की मांग!
  • 266 : नीलिमा का वास्तविक रहस्य!
  • 267 : नील और नीलिमा का मिलन!
  • 268 : नीलिमा की रिहाई ?
  • 269 : नील बनाम प्रशांत!
  • 270 : अजेय वज्र शरीर!
  • 271 : अचलनाथ हथेली और एक मच्छर!
  • 272 : मृत्यु देवी का नृत्य!
  • 273 : हरित कमल अग्नि!
  • 274 : मुकाबले का अंत!
  • 275 : अहंकारी वचन, सिर्फ पीड़ा देते है!
  • 276 : एक नई शर्त!
  • 277 : कड़ी टक्कर!
  • 278 : प्रतियोगिता का अंतिम परिणाम!
  • 279 : लौट आया असली हकदार!
  • 280 : जैसी करनी, वैसी भरनी!
  • 281 : विद्रोही कौन?
  • 282 : नील की ललकार!
  • 283 : एक असफल राजा, नागेंद्र!
  • 284 : रक्त पिशाच तकनीक
  • 285 : घायल नागेंद्र और चालबाज़ यजुवेंद्र
  • 286 : रक्त बूंदे, और एक तपस्वी!
  • 287 : भाई बहन, या यमदूत?
  • 288 : नए महाराज का चुनाव!
  • 289 : पिता की मृत्यु का सच!
  • 290 : पांच परिवारों के प्रमुख
  • 291 : सुंदरनगर से श्यामल साम्राज्य!
  • 292 : राजकुमार की चाल, एक जाल!
  • 293 : उकसाने का परिणाम!
  • 294 : एक आंख और दो पुतलियां
  • 295 : कुंवारी लड़कियों का प्रलोभन
  • 296 : शुभांगी की ग़लतफ़हमी!
  • 297 : शुभांगी, नील पर फ़िदा?
  • 298 : आगे कुंआ, पीछे खाई!
  • 299 : मानसिक अपंगता का खतरा!
  • 300 : कुलपति की चेतावनी!
  • 301 : काली शक्तियों का मसीहा!
  • 302 : यजुवेंद्र का हमला!
  • 303 : महासंग्राम
  • 304 : कालकेय का प्रकोप!
  • 305 : सप्तसिंधु से पवित्र आश्रम
  • 306 : समय और आकाश का ज्ञान!
  • 307 : गधों के सर पर सींग?
  • 308 : अविश्वसनीय प्रतिभा!
  • 309 : परीक्षण का शुभारम्भ
  • 310 : खोया-खोया सा नील
  • 311 : लावा का समुद्र!
  • 312 : रक्त ज्वाला नाग!
  • 313 : एक नहीं, अनेक अग्निदंत!
  • 314 : गुप्त परीक्षण का रहस्य!
  • 315 : नील का बेबाक अंदाज़!
  • 316 : खूनी मकड़ियां और एक चट्टान!
  • 317 : नील पर शिष्यों का हमला!
  • 318 : एक नकाबपोश और त्रिशूल!
  • 319 : मौके का फ़ायदा
  • 320 : नील और रक्त आत्मा!
  • 321 : कठपुतली का शिकंजा!
  • 322 : सहस्त्र आत्मा चक्र और काली छाया!
  • 323 : मृत्यु का मार्ग!
  • 324 : एक और बेवकूफ़?
  • 325 : प्रशांत की जान खतरे में!
  • 326 : खूंखार राक्षसी चमगादड़!
  • 327 : पवित्र आश्रम का “रहस्यमय शिष्य”!
  • 328 : अंजान काली छाया!
  • 329 : एक से बढ़ कर एक!
  • 330 : छाया शैतानों का अंत!
  • 331 : बंटवारे में बगावत!
  • 332 : रहस्यमय शिष्य के खतरनाक इरादे!
  • 333 : वो रहस्यमई लड़की?
  • 334 : नागमणि और एक खाजाना!
  • 335 : रक्त सम्राट की विरासत!
  • 336 : नील के शरीर पर कब्ज़ा!
  • 337 : जाग उठी कामुक भावनाएं
  • 338 : तुमने, मेरे साथ क्या किया?
  • 339 : अनमोल ख़ज़ाना!
  • 340 : अद्भुत तलवार और सुंदर वीणा
  • 341 : दिव्यनाग का प्रस्ताव!
  • 342 : मृत्युंजय समाधि और आत्मा दीप!
  • 343 : परिक्षण का पहला परिणाम
  • 344 : सवालों की बौछार
  • 345 : गहराता संदेह!
  • 346 : रहस्यमयी आध्यात्मिक संदेश
  • 347 : मेघ महल में प्रवेश
  • 348 : मुद्राएं और महायोद्धा
  • 349 : तमराज के विनाश की प्रतिज्ञा!
  • 350 : दिव्या की नाराज़गी
  • 351 : दिव्या का उपहार, या सज़ा?
  • 352 : वीरसेन बनाम नील!
  • 353 : एक घमंडी लड़का?
  • 354 : लोह मुष्टिका, सोमदेव!
  • 355 : बीज मंत्रों की ताकत
  • 356 : "धन्वन्तरि व्यापार भवन”
  • 357 : सौदेबाज़ी!
  • 358 : शुरू हुई एक नई शिक्षा
  • 359 : दिव्या की चाल!
  • 360 : आचार्य प्रेमदेव से पंगा!
  • 361 : नील की शर्त!
  • 362 : दिव्या की नाराजगी!
  • 363 : नील की नई योजना!
  • 364 : नील के खिलाफ साजिश!
  • 365 : बुरा फंसा नील!
  • 366 : दिव्यनाग वेदी!
  • 367 : �नाग कृपा”
  • 368 : नई परेशानी!
  • 369 : अर्ध आध्यात्मिक मण्डल!
  • 370 : फिर कैद हुआ, नील!
  • 371 : समय और आयाम के नियम
  • 372 : रहस्यमयी स्मारक स्तंभ!
  • 373 : सोहम की चुनौती!
  • 374 : नियमों का आलिंगन!
  • 375 : आत्मा का प्रशिक्षण!
  • 376 : नील पर हुआ हमला!
  • 377 : राक्षसी काली छाया और उल्लू!
  • 378 : छठे चक्र में प्रवेश!
  • 379 : अनमोल पुरस्कार!
  • 380 : शक की सुई नील पर!
  • 381 : नील को पाने की होड़!
  • 382 : उर्वशी की आकर्षण तकनीक
  • 383 : चार समुदायों में टकराव!
  • 384 : नील पर बढ़ता दबाव!
  • 385 : नील का गुस्सा!
  • 386 : कालकेय की गुप्तचर, दिव्यांशी?
  • 387 : पंजीकरण की शर्त!
  • 388 : दिव्य चुंबकीय पत्थर का परीक्षण!
  • 389 : प्रतियोगिता की शुरुआत!
  • 390 : आखिरी स्थान पर नील!
  • 391 : दूसरी लहर का सामना!
  • 392 : काले कछुओं का सामना!
  • 393 : नियम की अवहेलना?
  • 394 : मीनार का रहस्य!
  • 395 : दुष्कर्ण की दुष्टता!
  • 396 : नील प्रतियोगिता से बाहर!
  • 397 : आखिर गलती किसकी?
  • 398 : नील के ख़िलाफ़ गठबंधन!
  • 399 : आंतरिक प्रतियोगिता के “योग्य तीन”
  • 400 : �नागराज अनंत” का जागरण!
  • 401 : नागराज अनंत और नील की नियति!
  • 402 : युद्ध कला प्रतियोगिता का आरंभ!
  • 403 : योद्धाओं का आगमन, ताकत का आंकलन
  • 404 : मौत का देवता, तमराज कालकेय!
  • 405 : नौवे आत्मा दीप का मालिक!
  • 406 : नील का पहला प्रतिद्वंद्वी!
  • 407 : नील बनाम गुरदीप!
  • 408 : पवित्र आश्रम की बेइज्जती!
  • 409 : बिजली की अनजान शक्ति!
  • 410 : उर्वशी का रक्त ताबीज!
  • 411 : आग के नियम की शक्ति
  • 412 : अनमोल उपहार!
  • 413 : विवाह प्रस्ताव
  • 414 : नील का उपहार, या पलटवार?
  • 415 : चुनौती मुद्रा का उपयोग!
  • 416 : नील बनाम कनिष्क!
  • 417 : पाताल लोक के राक्षस का कहर!
  • 418 : कनिष्क से मुकाबले का परिणाम!
  • 419 : कालांश बनाम नील!
  • 420 : दिव्यांशी की जटिल भावनाएं!
  • 421 : बीज मंत्रों की मरम्मत!
  • 422 : श्यामली को चुनौती!
  • 423 : आदित्य का रहस्य!
  • 424 : एक भीषण मुकाबला!
  • 425 : हमारा लक्ष्य, एक है!
  • 426 : श्यामली के चक्रव्यूह में फंसा नील!
  • 427 : शीर्ष प्रकृति आयाम का कहर!
  • 428 : नील की जान खतरे में!
  • 429 : श्यामली की हत्या!
  • 430 : कालांश का कहर!
  • 431 : कालांश की सज़ा, बिच्छू दंड!
  • 432 : नील का निर्णय!
  • 433 : पवित्र आश्रम में भूचाल!
  • 434 : आचार्यों का आक्रोश!
  • 435 : 'समुदाय-सुरक्षा सरणी' निर्माण!
  • 436 : मंत्र शक्ति और अमर्त्य सेन की चाल!
  • 437 : कालकेय के स्वागत की तैयारी!
  • 438 : �मृत्युंजय समाधि” ख़ज़ाना या जाल?
  • 439 : आ गया, तमराज कालकेय!
  • 440 : कालकेय और समुदाय सुरक्षा सरणी!
  • 441 : हार का खामियाज़ा!
  • 442 : 'नौवां आत्मा दीप' जल उठा!
  • 443 : मृत्युंजय समाधि में प्रवेश!
  • 444 : लाश योद्धाओं का हमला!
  • 445 : जीवित मिट्टी!
  • 446 : एक नकाबपोश व्यक्ति!
  • 447 : मौत की किरण!
  • 448 : पासों का भयानक खेल!
  • 449 : भाग्य चक्र!
  • 450 : नक्षत्र अग्निदाह!
  • 451 : मुश्किल में दिव्यांशी!
  • 452 : बुरे कर्म का बुरा नतीजा!
  • 453 : नकारात्मक प्रभाव के लालची प्रस्ताव
  • 454 : �स्पष्ट आत्मा नेत्र” एक अनमोल उपहार!
  • 455 : नील और युवराज की भिड़ंत!
  • 456 : बदले की भावना, और एक मौका!
  • 457 : नील पर मंडराता, मौत का साया!
  • 458 : समाधि के मालिक, पितृदेव देवांतक!
  • 459 : पितृदेव की आत्मा का अंश
  • 460 : भाग्य की गणना!
  • 461 : पितृदेव देवान्तक की सलाह!
  • 462 : एक नई यात्रा…
  • 463 : जन्मदिवस के लिए, मानव भोज!
  • 464 : राक्षसों का संहारक!
  • 465 : सर पर मंडराता खतरा
  • 466 : दुश्मनों से घिरा नील!
  • 467 : गन्धर्व समुदाय की साम्राज्ञी!
  • 468 : राक्षस सालारों की हुड़दंगबाज़ी!
  • 469 : मौत के मुहाने पर नील!
  • 470 : पाप की मीनार’ में प्रवेश!
  • 471 : मुकाबले की चुनौती!
  • 472 : मीनार के अजीब नियम!
  • 473 : नक्षत्र युद्ध शरीर!
  • 474 : दिव्य शक्ति का अभ्यास!
  • 475 : असीम ब्रह्मांड की सैर
  • 476 : नील बनाम ज्योत्सना!
  • 477 : स्वीकार है, हार!
  • 478 : पाप की मीनार का रहस्य!
  • 479 : अभिमानी के लिए अहंकारी!
  • 480 : नील के खिलाफ षड्यंत्र
  • 481 : हत्यारे की हत्या!
  • 482 : एक जाना पहचाना चेहरा!
  • 483 : मृणालिनी, या कोई बहरूपिया?
  • 484 : प्रतिभा स्मारक!
  • 485 : मृणालिनी की भयानक प्रतिभा!
  • 486 : प्रतिभा का परीक्षण!
  • 487 : क्या ये समाप्त हो गया?
  • 488 : नील की प्रतिभा का स्तर…
  • 489 : युद्ध सम्राट की आत्मा से मुकाबला!
  • 490 : खून की प्यासी, राक्षस जाति!
  • 491 : मौत की सौदेबाज़ी!
  • 492 : मीनार के मालिक!
  • 493 : स्वर्ग श्रेणी, नील वायुपुत्र!
  • 494 : मेघनाद से मुकाबला!
  • 495 : गन्धर्व समुदाय की ललकार!
  • 496 : मिशा की बाज़ी, छायाओं का खेल!
  • 497 : तलवार आत्मा वीणा का रहस्य!
  • 498 : युद्ध का आग़ाज़
  • 499 : युद्ध भूपति “चनका और धमिका”
  • 500 : शह और मात!
  • 501 : अहंकार पर वार, राक्षसों की हार!
  • 502 : मृणालिनी का रहस्य!
  • 503 : तलवार आत्मा का रहस्य!
  • 504 : साम्राज्ञियों की दुश्मनी!
  • 505 : गन्धर्वों का कोषागार और ख़ज़ाना!
  • 506 : गन्धर्व समुदाय का उपहार!
  • 507 : राक्षसों की योजना!
  • 508 : नरपशु सालार की चुनौती!
  • 509 : एक प्रस्ताव, या हमला?
  • 510 : संकट में श्वेतवर्ण पवित्र भूमि!
  • 511 : असमंजस की स्थिति!
  • 512 : ग्यारहवीं मंजिल पर बवाल!
  • 513 : राक्षसों की घातक योजना!
  • 514 : भूमध्य गुफा का रहस्य!
  • 515 : मृणालिनी, एक अनबूझ पहेली!
  • 516 : खतरों के खिलाड़ी!
  • 517 : पवित्र श्वेत अग्नि का कमाल!
  • 518 : भूमध्य गुफा का मर्त्य चक्र
  • 519 : नए साथी या दुश्मन?
  • 520 : आगे कुआँ, पीछे खाई!
  • 521 : मैं तुम्हे जाने नहीं दूंगा!
  • 522 : अजीब सी शांति, और एक आवाज!
  • 523 : मौत का सामना!
  • 524 : पुनर्जन्म द्वार में प्रवेश
  • 525 : पुनर्जन्म द्वार की शक्ति!
  • 526 : युद्ध भूपति कीचक से सामना!
  • 527 : मूल परत का रहस्यमई कोहरा!
  • 528 : मूल परत की भूलभुलैया!
  • 529 : मृणालिनी का भाई?
  • 530 : विशाल तलवार और देवमूल शरीर!
  • 531 : एक पौधे का आतंक
  • 532 : नर्क का पहरेदार, दुष्ट बिच्छू!
  • 533 : पितृदेव देवान्तक का जाल!
  • 534 : राक्षसी जीव की भयानक दहाड़!
  • 535 : एक अलग दुनिया
  • 536 : असीम ब्रह्मांड और एक नया खतरा
  • 537 : विरासत का रहस्य
  • 538 : अनंत देव मणि!
  • 539 : विरासत की जंग!
  • 540 : राक्षस जाति का कोहराम!
  • 541 : मीनार में वापसी!
  • 542 : मौत का तांडव!
  • 543 : आख़िरकार नील वापस चला गया!
  • 544 : मध्य क्षेत्र में वापसी
  • 545 : मुश्किल में जान
  • 546 : उपकार का बदला!
  • 547 : नील मर चुका है?
  • 548 : तामसिक दैवीय साम्राज्य!
  • 549 : एक और, शीर्ष प्रकृति शरीर!
  • 550 : शिविका की समस्या
  • 551 : नील और शिविका की मुलाकात
  • 552 : एक विकल्प का चुनाव!
  • 553 : कालकेय की चाल!
  • 554 : कालकेय का सामना, फिर से
  • 555 : नील का जाल, कालकेय बेहाल!
  • 556 : कालकेय का पलटवार!
  • 557 : सुन्दरवन का भयानक दलदल!
  • 558 : विषधर! साथी या स्वार्थी?
  • 559 : मगरमच्छ, मकड़ी और एक चीख!
  • 560 : चालबाज़ विषधर की चाल!
  • 561 : नील और शिविका की नज़दीकियां
  • 562 : दुर्भाग्य या सौभाग्य?
  • 563 : पवित्र आश्रम गायब हो गया?
  • 564 : दिव्यांशी पर हमला!
  • 565 : तमिश का पराक्रम!
  • 566 : नील वायुपुत्र का पराक्रम!
  • 567 : गद्दारी की सज़ा!
  • 568 : दैवीय शुद्धिकरण!
  • 569 : भ्रामक दुःस्वप्न
  • 570 : दिव्यांशी और नील का पुनर्मिलन
  • 571 : दिव्यांशी का इन्साफ!
  • 572 : दुश्मनों पर वार, दोस्तों को उपहार!
  • 573 : पवित्र आश्रम में शिविका का हंगामा!
  • 574 : दो धारी तलवार!
  • 575 : रिश्तों की कशमकश!
  • 576 : सच का सामना!
  • 577 : बढ़ती परेशानियां!
  • 578 : युद्ध की घोषणा!
  • 579 : नील पहुंचा विदिशा!
  • 580 : नील, दिव्यांशी और मनमुटाव
  • 581 : शत्रुहंता समूह!
  • 582 : हरित आत्मा क्षेत्र का जादू!
  • 583 : स्वामी हृदय शून्य की योजना!
  • 584 : पक्षियों का पिंजरा!
  • 585 : मीमांशा नगर पर विजय!
  • 586 : कालकेय का आगमन!
  • 587 : कालकेय की चुनौती!
  • 588 : नील बनाम कालकेय!
  • 589 : नरकासुर की रक्तरेखा!
  • 590 : नर्क की भयानक शक्ति!
  • 591 : नर्क की हवा!
  • 592 : मौत की घड़ी!
  • 593 : कालकेय अब भी जिन्दा है?
  • 594 : नीलिमा बनाम कालकेय!
  • 595 : अनंत देव मणि और पुनर्जन्म!
  • 596 : धूर्त कालकेय का अंत!
  • 597 : रक्त आहुति और बिच्छू दंड!
  • 598 : अंत! या एक नई शुरुआत?
  • 599 : कनिष्क की कुंठा!
  • 600 : एक रहस्यमई युवक
  • 601 : दिव्य दर्शन…
  • 602 : यही मेरी नियति है!
  • 603 : दिव्यांशी बीमार नहीं?
  • 604 : मूर्छित दिव्यांशी और एक भिखारी
  • 605 : रहस्यमयी प्राचीन रत्न!
  • 606 : सूर्य मण्डल विशेषज्ञ!
  • 607 : साम्राज्ञी का सन्देश!
  • 608 : नील कहाँ है?
  • 609 : स्वामी हृदयशून्य की ललकार!
  • 610 : प्राचीन रत्नों की जानकारी!
  • 611 : सूर्य मण्डल योद्धाओं का युद्ध!
  • 612 : गुप्त हृदय बीज!
  • 613 : मध्य क्षेत्र से प्रस्थान!
  • 614 : श्वेत सागर और एक समुद्री दैत्य!
  • 615 : दैवीय साम्राज्य का चयन!
  • 616 : एक नई परेशानी!
  • 617 : पार्थ वायुपुत्र!
  • 618 : परीक्षा की शुरुआत!
  • 619 : अहंकारी राजकुमार योगेश!
  • 620 : राजकुमार योगेश की चाल!
  • 621 : अहंकारी की ज़िद!
  • 622 : मुकाबले की चुनौती!
  • 623 : साम्राज्य में आंतरिक संघर्ष!
  • 624 : दिव्यनाग जाति का रहस्य
  • 625 : जाल में फंसा नील!
  • 626 : मदद के बदले मदद!
  • 627 : दीपिका का हमला!
  • 628 : श्वेत सागर में प्रवेश!
  • 629 : पेरियार साम्राज्य की शुचिता देवी!
  • 630 : नपुंसकों का सैन्य भवन
  • 631 : चोल साम्राज्य की हार!
  • 632 : नीचता की हद!
  • 633 : एक कड़ा मुकाबला!
  • 634 : आदेश की अवज्ञा!
  • 635 : ये पार्थ नहीं, नील वायुपुत्र है!
  • 636 : आरोप की पुष्टि!
  • 637 : नील बनाम आरव!
  • 638 : आयामी नियम का तीसरा स्तर!
  • 639 : मुकाबले का परिणाम!
  • 640 : राजकुमारी और एक कंगन!
  • 641 : श्रुतिका की भयानक शक्ति!
  • 642 : 'समय नियम' की विचित्र चाल!
  • 643 : आखिरी विकल्प, खूंखार माया पक्षी!
  • 644 : पाखी का गुस्सा!
  • 645 : निर्वाण अग्नि की भयानक शक्ति!
  • 646 : दो राक्षसों में भयानक टकराव!
  • 647 : लंबकर्ण का रहस्य!
  • 648 : प्रकृति का शैतानी बच्चा!
  • 649 : प्राकृतिक प्रतिभा का अवशोषण!
  • 650 : बस एक चाल, और फैसला!
  • 651 : प्रकृति की इच्छा!
  • 652 : मौत के मुंह में, यामिनी!
  • 653 : नील बनाम शिशुपाल!
  • 654 : पेरियार सम्राट का हमला!
  • 655 : आत्मा पोषक काष्ठ!
  • 656 : यामिनी और बलिदान समारोह!
  • 657 : श्वेत सागर में पहला कदम
  • 658 : शिथिल बाण वर्षा!
  • 659 : तीरों की दीवार!
  • 660 : दिव्य चुंबकीय पत्थर!
  • 661 : नील हुआ संक्रमित!
  • 662 : दिव्यनाग विष से छुटकारा!
  • 663 : तामसिक आत्माओं का हमला!
  • 664 : मंत्रमुग्ध कर देने वाली दुनिया!
  • 665 : मिल गया “जीवन पत्थर”
  • 666 : �नेत्रांश पत्थर” एक उपहार!
  • 667 : घाटे का सौदा
  • 668 : रत्न भक्षक कीड़ा!
  • 669 : रत्न भक्षक कीड़े का रहस्य!
  • 670 : नील की निराशा!
  • 671 : तिलिस्मी आबनूस कुदाल!
  • 672 : खूंखार कीड़ों का हमला!
  • 673 : एक अनोखा नज़ारा!
  • 674 : एक मात्र उपाय, आबनूस कुदाल!
  • 675 : एक नई प्रेम कहानी!
  • 676 : शुद्धिकरण अग्नि का कमाल!
  • 677 : युवराज विमर्श से संघर्ष!
  • 678 : ईश्वर का अवतार - नील!
  • 679 : सर्पशल्कों की शक्ति!
  • 680 : आखिरकार, नील सफल हुआ!
  • 681 : नील का रौद्र रूप!
  • 682 : पेरियार सम्राट का प्रकोप!
  • 683 : दस सितारा दिव्यमंत्र, आबनूस कुदाल!
  • 684 : लालची सम्राट, एक चोर
  • 685 : सम्राट का अनुरोध!
  • 686 : आपदा पुष्प!
  • 687 : दैवीय शुद्धिकरण की पहली लहर!
  • 688 : नील की अनोखी प्रतिभा!
  • 689 : धातु शुद्धिकरण की सुनहरी तलवारे!
  • 690 : ब्रह्मकमल पुष्प!
  • 691 : अपेक्षाओं का भार!
  • 692 : वृहद ब्रह्मकमल और नियति!
  • 693 : काली आँख का कहर!
  • 694 : काली आँख का रहस्य!
  • 695 : दिल का दर्द!
  • 696 : दिव्य सम्राट गुप्त क्षेत्र में प्रवेश!
  • 697 : मौत की आहट!
  • 698 : लाशों पर कब्ज़ा!
  • 699 : श्वेत हिमनाग का ताबूत!
  • 700 : नील का नया पैंतरा!
  • 701 : एक नाकाम कोशिश
  • 702 : गलती का खामियाजा!
  • 703 : आंतरिक दुनिया की कैद!
  • 704 : पार्थ मर चुका है!
  • 705 : भागो भूत आया!
  • 706 : वायुरोधी संदूक, एक ढाल!
  • 707 : मानवरूपी मूर्ति का आतंक!
  • 708 : तीरंदाज से टक्कर!
  • 709 : तर्कश के तीर!
  • 710 : नक्षत्र सम्राट पवित्र भूमि का रहस्य!
  • 711 : राक्षसी जीवों का हमला!
  • 712 : एक अनजान दुश्मन!
  • 713 : आध्यात्मिक जाति से पंगा!
  • 714 : योद्धा बने भोजन
  • 715 : विनाशक काले नाग का रहस्य!
  • 716 : भागमभाग!
  • 717 : पैतृक दिव्यनाग अंडा, एक भ्रम?
  • 718 : मैं भी तुममें से एक हूँ!
  • 719 : पैतृक दिव्यनाग का जन्म!
  • 720 : खड़ी हुई नई परेशानी!
  • 721 : संदेह के बादल!
  • 722 : नील की जांच!
  • 723 : शादी की शर्त
  • 724 : छाया जीव का सामना!
  • 725 : काले पवन फलक!
  • 726 : नील वापिस आ गया!
  • 727 : दिव्यांशी का उपचार
  • 728 : पुनर्मिलन की घड़ी!
  • 729 : विषधर का अंत!
  • 730 : पुष्कर महाद्वीप में वापसी!
  • 731 : गन्धर्व समुदाय पर खतरा!
  • 732 : लावण्या कहाँ है?
  • 733 : युद्ध सम्राट का सामना!
  • 734 : विपरीत परिस्थिति!
  • 735 : दुश्मनों का सफाया!
  • 736 : लावण्या की स्थिति!
  • 737 : दंड की अधिपति से सामना!
  • 738 : पाप की मीनार, दोबारा!
  • 739 : एक भाग्यहीन व्यक्ति!
  • 740 : गृहयुद्ध!
  • 741 : सबसे बड़ी परेशानी!
  • 742 : तकरार की स्थिति!
  • 743 : विवाह में विघ्न!
  • 744 : अनोखे उपहार!
  • 745 : बूढ़े व्यक्ति की नई चाल!
  • 746 : गुरु की खोज!
  • 747 : विचार पढ़ने की शक्ति!
  • 748 : सप्तसिंधु आश्रम में वापसी!
  • 749 : शक का बीज!
  • 750 : मृत्युंजय महल, दोबारा!
  • 751 : वास्तविक विलुप्ति मार्ग!
  • 752 : परीक्षा का प्रथम चरण!
  • 753 : नई मुश्किल में नील!
  • 754 : एक अनजान कैदी!
  • 755 : दैवीय पुस्तकालय में प्रवेश!
  • 756 : अनोखी लाल किताब!
  • 757 : महल प्रमुख की परीक्षा!
  • 758 : घुटने टेको!
  • 759 : नील के गुरु!
  • 760 : एक नई सफलता!
  • 761 : दिव्य चुंबकीय पत्थर पाने की कोशिश!
  • 762 : चुम्बकीय पत्थर पर चला नील का जादू!
  • 763 : छाया जीव का फिर से हमला!
  • 764 : आख़िरकार, नील इस लोक से चला गया!
  • 765 : नील पहुंचा पितृ लोक!
  • 766 : नील हुआ फिर से कैद!
  • 767 : आजादी की शर्त!
  • 768 : दिव्य पत्थरों की खोज!
  • 769 : ब्रह्मांड मंडल के जानवर से सामना!
  • 770 : आसमान से गिरे, खजूर में अटके!
  • 771 : लुटेरों की शामत!
  • 772 : नीलिमा की खोज!
  • 773 : प्रजापतियों से पंगा!
  • 774 : लुटेरों के सरगना से सामना!
  • 775 : मैं इस संसार के नियम को बदल दूंगा!
  • 776 : तुम्हें हमारे साथ चलना ही होगा!
  • 777 : लिंगेश नगर में प्रवेश और नई मुसीबत!
  • 778 : गहरे होते राज़!
  • 779 : कुलपति की कुटिल चाल!
  • 780 : यशराज से टक्कर!
  • 781 : ताकत का प्रदर्शन!
  • 782 : बहुत बड़ी क्षति!
  • 783 : एक बड़ी हस्ती का आगमन!
  • 784 : "पूर्ण युवती” मृणालिनी!
  • 785 : अभ्रज महल में प्रवेश
  • 786 : दैवीय हथियार भवन!
  • 787 : पूर्व महल प्रमुख की तलवार!
  • 788 : बुजुर्ग की चाल!
  • 789 : नया कीर्तिमान!
  • 790 : यामिनी की आत्मा की मरम्मत!
  • 791 : ये दुख काहे ख़तम नहीं होता?
  • 792 : सौदेबाजी का आखिरी मौका!
  • 793 : पवन विद्युत आत्मा तलवार के पूर्व स्वामी!
  • 794 : नील को मिली नई चुनौती!
  • 795 : परेशानी की वजह!
  • 796 : अग्नि चक्र विरासत का शुभारंभ!
  • 797 : धृष्टद्युम्न और एक नई परेशानी!
  • 798 : हृदय विदारक कविता!
  • 799 : प्रजापति शायक देव की विरासत!
  • 800 : तलवार आत्मा की शक्ति!
  • 801 : एक अनोखी घटना!
  • 802 : योग्यता की कसौटी!
  • 803 : नियमों का तूफ़ान!
  • 804 : बहुत अजीब लड़का!
  • 805 : अभ्रज महल का दबदबा!
  • 806 : अविनाशी संयोधन मणि!
  • 807 : अराजक ऊर्जा की अनोखी शक्ति!
  • 808 : अविनाशी अग्नि कुंड!
  • 809 : कभी न बुझने वाली आग!
  • 810 : जीत का इनाम!
  • 811 : रहस्यमयी, तलवार मेघ!
  • 812 : मायावी चुनौती!
  • 813 : दुश्मनों की चाल!
  • 814 : बाजीराव की मूल योजना!
  • 815 : भाई, आप यहाँ?
  • 816 : भाई बहन का मिलन
  • 817 : आखिरी वार!
  • 818 : वो अभी तक आया क्यों नहीं?
  • 819 : भाग्य भक्षक सांप!
  • 820 : भाग्य भक्षक साँपों का अंत!
  • 821 : अर्ध सूर्य मंडल का योद्धा, नील!
  • 822 : अभ्रज महल का नया कीर्तिमान!
  • 823 : रक्त महातल क्षेत्र का खजाना!
  • 824 : मालिनी, खतरे में!
  • 825 : नगर प्रमुख से टक्कर!
  • 826 : उज्जवल तलवारबाजी तकनीक!
  • 827 : लिंगेश भूमि के प्रबंधक से सामना!
  • 828 : गुप्त समुदाय!
  • 829 : तुम यहाँ से वापस नहीं जा सकते!
  • 830 : पैतृक दिव्यनाग का कोहराम!
  • 831 : गन्धर्व समुदाय में घुसपैठ!
  • 832 : वो हर चीज़ निगल सकती है!
  • 833 : रक्त छाया महल में प्रवेश!
  • 834 : मौत की दस्तक!
  • 835 : बचने का कोई रास्ता नहीं है!
  • 836 : अर्ध महामंडलेश्वर से सामना!
  • 837 : पुनर्जन्म का रसातल!
  • 838 : करनी का फल!
  • 839 : संसार वृक्ष का बीज!
  • 840 : ऐसा कैसे हो सकता है?
  • 841 : हर चीज़ का हिसाब होगा!
  • 842 : इसका मरना तय है!
  • 843 : भ्रम या वास्तविकता?
  • 844 : शस्त्रभान, एक कठपुतली!
  • 845 : दोस्त बने दुश्मन!
  • 846 : खुल गया नील और यामिनी का भेद!
  • 847 : पिशाचों का हमला!
  • 848 : पारलौकिक दैवीय शक्ति!
  • 849 : भाग्य मुकुट!
  • 850 : दुश्मनों का हमला
  • 851 : राक्षसों की पवित्र भूमि में प्रवेश!
  • 852 : यामिनी और उसकी मृत्यु का रहस्य!
  • 853 : अपनों का बलिदान और युद्ध की ललकार!
  • 854 : नया लक्ष्य
  • 855 : दुश्मन की खबर!
  • 856 : प्रजापतियों के निशाने पर नील!
  • 857 : पुनर्जन्म चक्र नष्ट हो गया!
  • 858 : नील की नई चाल!
  • 859 : प्रजापतियों के बीच घिरा नील!
  • 860 : आध्यात्मिक जाति के प्रजापति!
  • 861 : जीवन और मृत्यु बंधन!
  • 862 : जीवन और मृत्यु का मुकाबला!
  • 863 : रहस्यमयी लड़की!
  • 864 : विलुप्ति मार्ग का तीसरा चरण!
  • 865 : कनिष्ठ गुरु भाई?
  • 866 : वरिष्ठ गुरु भाई की सलाह!
  • 867 : अनोखा हथियार!
  • 868 : मायावी युद्ध क्षेत्र खुल गया!
  • 869 : आखिरी अवसर!
  • 870 : राक्षसों के बीच फंसा नील!
  • 871 : नई शक्तियों का तिलिस्म!
  • 872 : रहस्यमयी गुफा!
  • 873 : राजकुमार हारुन से मुकाबला!
  • 874 : एक और शिकार
  • 875 : तुम भेड़ हो, और मैं एक भेड़िया
  • 876 : भेड़िये का शिकार!
  • 877 : रहस्यमयी प्राचीन मंदिर!
  • 878 : प्राचीन मंदिर की चुनौती!
  • 879 : अग्नि परीक्षा!
  • 880 : मेहनत का फल!
  • 881 : अद्भुत मुद्रा!
  • 882 : मुख्य नगर का नगर प्रमुख!
  • 883 : तुम्हें तीन बार मरना होगा!
  • 884 : टक्कर का मुकाबला!
  • 885 : सौदेबाजी!
  • 886 : अर्धचंद्र और नील की आफत!
  • 887 : सब ख़त्म हो गया!
  • 888 : मालवीय परिवार!
  • 889 : मित्र की जान खतरे में!
  • 890 : समूह पर हमला!
  • 891 : कहीं देर न हो जाए!
  • 892 : मेरे पास मत आओ!
  • 893 : नील का वादा!
  • 894 : दिव्यांशी की मुश्किल!
  • 895 : प्राचीन माया सभ्यता या छाया जीव?
  • 896 : गले पड़ी नई मुसीबत!
  • 897 : आपदा को अवसर में बदलना!
  • 898 : मालवीय परिवार की गुप्त तकनीक!
  • 899 : प्राचीन माया सभ्यता का रहस्य!
  • 900 : कर्म भवन का पहला चरण!
  • 901 : भूतिया शिलाखंड!
  • 902 : कर्म भवन की अनोखी शक्ति!
  • 903 : ये तो अन्याय है!
  • 904 : अँधेरे का रहस्य!
  • 905 : आमने-सामने की टक्कर!
  • 906 : नई योजना!
  • 907 : विलक्षण प्रतिभा दर्शन से सामना!
  • 908 : प्रकृति नियम के विरुद्ध!
  • 909 : दिव्यांशी की दुर्दशा!
  • 910 : शायद, ये सिर्फ एक संयोग है?
  • 911 : पागलपन भरी योजना!
  • 912 : जान हथेली पर!
  • 913 : मारे गए!
  • 914 : नया साथी!
  • 915 : बेमिसाल जोड़ी!
  • 916 : सच्चे देवता से सामना!
  • 917 : तुम्हारा दिव्य मार्ग व्यर्थ हो जाएगा!
  • 918 : कोई तुम्हारी नियति को नियंत्रित कर रहा है!
  • 919 : अनोखा पुरस्कार!
  • 920 : अपमान का घूँट!
  • 921 : नील बनाम मधूक!
  • 922 : युद्ध में हस्तक्षेप!
  • 923 : मधूक का वध!
  • 924 : नियम बदल गए!
  • 925 : क्या तुम तैयार हो?
  • 926 : क्या तुम नील वायुपुत्र की पत्नी हो?
  • 927 : सुखद आश्चर्य!
  • 928 : हम जरूर मिलेंगे!
  • 929 : क्या नीलिमा का पता चल गया?
  • 930 : अधूरी इच्छा!
  • 931 : मैं तुम्हें एक और मौका दूंगा।
  • 932 : अंतिम चरण?
  • 933 : दिव्य प्रकाश बीज!
  • 934 : तो ये है, एक देवपुत्र की शक्ति!
  • 935 : ये तो सरासर बेईमानी है!
  • 936 : विशाल अजगर और गरुड़ का युद्ध!
  • 937 : शक्ति प्रदर्शन!
  • 938 : देवपुत्र की हार!
  • 939 : दिवास्वप्न लोक!
  • 940 : नीलिमा की खबर!
  • 941 : तुम्हारे भाग्य में मेरी पत्नी होना लिखा है!
  • 942 : शीर्ष दस प्रतिभागी!
  • 943 : नील बनाम दर्शन!
  • 944 : जीवन की अधिपति?
  • 945 : नील बनाम लोकेन्द्र!
  • 946 : शीर्ष पांच का चयन!
  • 947 : जीवन और मृत्यु का चक्र!
  • 948 : क्या ये अजीब लग रहा है?
  • 949 : उत्पत्ति की उज्जवल तलवार!
  • 950 : तमिश बनाम कमलनाथ!
  • 951 : न्याय की दिव्य कला!
  • 952 : शून्य तलवारबाजी तकनीक!
  • 953 : ब्रह्मांड का भाग्य बदलने की क्षमता!
  • 954 : अद्भुत और अजेय तमिश!
  • 955 : अद्भुत और अलौकिक!
  • 956 : प्रथम स्थान का मुकाबला!
  • 957 : अजेय शक्ति!
  • 958 : हताशा की स्थिति!
  • 959 : अनंत देव मणि का प्रयोग!
  • 960 : यामिनी का अजीब व्यवहार!
  • 961 : शायक महल की यात्रा!
  • 962 : नियम का उल्लंघन!
  • 963 : यामिनी का अराजक स्वरूप!
  • 964 : शायक महल के भवन प्रमुख से सामना!
  • 965 : उज्जवल तलवार दिल!
  • 966 : संहारक तलवार पर्वत में प्रवेश!
  • 967 : ब्रह्मांड की तबाही?
  • 968 : दुश्मन की साजिश!
  • 969 : शायक देव की विरासत!
  • 970 : बूढ़े कुलपति!
  • 971 : नियति या फिर साज़िश?
  • 972 : सब मिथ्या है!
  • 973 : नील एक कठपुतली!
  • 974 : दिव्य रक्त!
  • 975 : नील हुआ बेकाबू!
  • 976 : शिविका की हत्या?
  • 977 : ब्रह्मांड के अंत का रहस्य!
  • 978 : देवपुत्र की मौत!
  • 979 : दिव्यनागो का जागरण!
  • 980 : नागराज महापद्म की योजना!
  • 981 : प्राचीन माया कबीले का आतंक!
  • 982 : खतरे में दिव्यांशी!
  • 983 : पवित्र महल में वापसी!
  • 984 : नकारा पिता!
  • 985 : अशुभ शगुन!
  • 986 : पूर्वज के शब्द!
  • 987 : निर्णायक युद्ध की तैयारी!
  • 988 : क्या यही अंत है?
  • 989 : अब, सब आपके हाथ में हैं!
  • 990 : प्राचीन माया कबीले का दिव्य जादूगर!
  • 991 : जादूगर का कहर और प्रजापति की चाल!
  • 992 : हृदय बंधन अभिशाप!
  • 993 : पाताल भृंगारिका!
  • 994 : अग्नि नाग का सामना!
  • 995 : माया कबीले का जाल!
  • 996 : प्रकृति की इच्छा पर कब्ज़ा!
  • 997 : प्रकृति का वास्तविक नियंत्रक - नील!
  • 998 : एकमात्र अस्तित्व!
  • 999 : ब्रह्मांड की दीवार टूट गई!
  • 1000 : एक देवता की हस्त शक्ति!
  • 1001 : नील बना देवता का निशाना!
  • 1002 : दैवीय निषिद्ध भूमि का भयानक राक्षसी जीव!
  • 1003 : राजकुमारी का अपहरण!
  • 1004 : क्या वो भविष्यवाणी सच है?
  • 1005 : विशाल राक्षसी काकोदर का निवाला!
  • 1006 : महीधर जाति के योद्धाओं से सामना!
  • 1007 : इच्छा वर्धक लकड़ी!
  • 1008 : हिमांशी का छिपा हुआ उद्देश्य!
  • 1009 : महीधर जाति के सरदार से सामना!
  • 1010 : महीधर जाति की शर्त!
  • 1011 : पवित्र जलधारा पर्वत!
  • 1012 : शक्ति स्रोत की बूँद!
  • 1013 : मृत अंत!
  • 1014 : रानी मधुमक्खी से सामना!
  • 1015 : कृत्रिम झील!
  • 1016 : अनंत ऊर्जा शरीर का अंतिम चरण!
  • 1017 : रहस्यमय शक्ति!
  • 1018 : स्वर्ण कंगूर शिला!
  • 1019 : नौ सितारों की शक्ति!
  • 1020 : महीधर जाति के रहस्यमय पुजारी!
  • 1021 : आंतरिक दुनिया की समस्या!
  • 1022 : पवित्र जानवर का हमला!
  • 1023 : नील बनाम पवित्र जानवर!
  • 1024 : स्वर्ण पंख कबीले के सरदार से सामना!
  • 1025 : नील फंसा हिमांशी की चाल में!
  • 1026 : राजकुमार कल्पित की क्रूरता!
  • 1027 : नील हुआ स्वर्ण पंख कबीले के खिलाफ!
  • 1028 : गगनदीप का न्याय!
  • 1029 : रक्तपर्ण मनका!
  • 1030 : ब्रह्मांड का सबसे बड़ा सच!
  • 1031 : दिव्य हिमाग्नि क्षेत्र में प्रवेश!
  • 1032 : आखिरी प्रतियोगी!
  • 1033 : गौतम देव की विरासत!
  • 1034 : सैकड़ों राक्षसी काकोदरों से घिरा समूह!
  • 1035 : नील हुआ शक्तिहीन!
  • 1036 : शक्ति देव से सामना!
  • 1037 : वीरेंद्र वायुपुत्र का रहस्य!
  • 1038 : तमिश का भाग्य!
  • 1039 : एक आँखों वाला शिल्पकार!
  • 1040 : नील का अपहरण!
  • "Ep 1041 दर्दनाक प्रक्रिया!
  • 1042 : संसार भक्षक जानवर!
  • 1043 : असहाय नीलिमा!
  • 1044 : आदि नेत्र!
  • 1045 : आत्मा प्रतिबंध सुई और गन्धर्व समुदाय का रहस्य!
  • 1046 : गन्धर्व समुदाय की गुप्त योजना!
  • 1047 : तपेश्वर देव का निर्णय!
  • 1048 : मानस परिधान!
  • 1049 : अर्ध महा मंडलेश्वर स्तर में प्रवेश!
  • 1050 : विचित्र संसार मेघ!
  • 1051 : नील बना महा मंडलेश्वर!
  • 1052 : खून की बारिश!
  • 1053 : एक बनाम सात की लड़ाई!
  • 1054 : रक्त अभिशाप कला!
  • 1055 : दुश्मन के गढ़ में प्रवेश!
  • 1056 : पवित्र जाति की सुंदर देवपुत्री!
  • 1057 : एक के बाद एक महा मंडलेश्वरों का वध!
  • 1058 : दुश्मनों के बीच घिरा नील!
  • 1059 : सच्चाई आई सामने!
  • 1060 : मानव जाति का पलटवार!
  • 1061 : नीलांश की अद्भुत प्रतिभा!
  • 1062 : महाकाय तलवार!
  • 1063 : नील बनाम बूढ़े कुलपति!
  • 1064 : सटीक योजना!
  • 1065 : आपसी मतभेद
  • 1066 : महार्थ का उकसावा और पलटवार!
  • 1067 : दिव्यनागों के शरीर का निर्माण!
  • 1068 : गन्धर्व समुदाय के गढ़ में नील!
  • 1069 : माफ़ करना, मुझे थोड़ी देर हो गई!
  • 1070 : प्रजापति बाणाधीश की खोज
  • 1071 : आत्मा भक्षक अस्थि बाण!
  • 1072 : वध की अधिपति का प्रतिनिधित्व
  • 1073 : नया विकल्प!
  • 1074 : दूसरा कदम!
  • 1075 : यक्षिणी की चाल!
  • 1076 : दो प्रजापतियों से मुकाबला!
  • 1077 : घमासान युद्ध!
  • 1078 : मुसीबत में पड़ा नील!
  • 1079 : आत्मा भक्षक अस्थि बाण का उपयोग!
  • 1080 : कल्पिता की चाल!
  • 1081 : क्या तुम्हें कुछ पता नहीं चला?
  • 1082 : योजना हुई सफल!
  • 1083 : आत्मा प्रतिबन्ध सुई की रहस्यमय शक्ति!
  • 1084 : प्रलय देव की चाल!
  • 1085 : माँ की ख़बर?
  • 1086 : कर्म विच्छेद प्रकाश!
  • 1087 : हम फिर मिलेंगे!
  • 1088 : जरावस्था की काट!
  • 1089 : देवपुत्र की चुनौती!
  • 1090 : चिन्मय बनाम महार्थ!
  • 1091 : सत्य की दिव्य कला बेकार है!
  • 1092 : महार्थ की क्रूरता!
  • 1093 : नील का क़हर!
  • 1094 : आखिरी बार सामना!
  • 1095 : शीर्ष देवपुत्रों का भीषण टकराव!
  • 1096 : सर्वशक्तिमान अस्तित्व!
  • 1097 : महान वट वृक्ष!
  • 1098 : विनाश के बाद पुनर्निर्माण होता है!
  • 1099 : महार्थ का अंत!
  • 1100 : तपेश्वर देव की चाल!
  • 1101 : देव हंता तलवार सरणी का विनाश!
  • 1102 : शिविका की हत्या!
  • 1103 : नील का उग्र रूप!
  • 1104 : महान आकांक्षा तकनीक का उपयोग!
  • 1105 : हावी होते दुश्मन!
  • 1106 : भीषण संग्राम!
  • 1107 : प्राचीन विद्वान से सामना!
  • 1108 : अप्रत्याशित परिणाम!
  • 1109 : गुरु का एक और उपहार!
  • 1110 : आजादी का सौदा!
  • 1111 : दास मुद्रा!
  • 1112 : युद्ध में पुनः प्रवेश!
  • 1113 : देव युद्ध भवन का देवता!
  • 1114 : मेहुल देव का अंत!
  • 1115 : तपेश्वर देव का आत्मविनाश!
  • 1116 : माहिर देव की अंतिम चाल!
  • 1117 : आत्मा हरण दैत्य!
  • 1118 : सब समाप्त हो गया?
  • 1119 : महायुद्ध की समाप्ति!
  • 1120 : वादा निभाने का समय!
  • 1121 : एक नए देवता से सामना!
  • 1122 : नाग लोक का षड़यंत्र!
  • 1123 : पिता की श्रमसाध्य व्यवस्था!
  • 1124 : भूलभुलैया का रहस्य!
  • 1125 : मृत्युंजय महल पर हमला!
  • 1126 : मृत्युंजय महल की गहराई में क्या छिपा है?
  • 1127 : अनंत अनुदेश शिलाखंड की सजा!
  • 1128 : दिव्य नागरिकों का सामूहिक हमला!
  • 1129 : अर्ध परम देव!
  • 1130 : आमेर गढ़ का हमला!
  • 1131 : इक्कीस द्वीप और इक्यावन गढ़ों की किंवदंती!
  • 1132 : मंदार पर्वत की गहराई में छिपा खजाना!
  • 1133 : बेताल देव का कहर!
  • 1134 : नील की आत्मा हुई कैद!
  • 1135 : पाषाण मूषक का निवाला!
  • 1136 : अनिष्ट देव से सामना!
  • 1137 : पवित्र भूमि का पतन!
  • 1138 : तैरते द्वीपों के महान परिवार!
  • 1139 : नील की विवशता!
  • 1140 : अनुदेश शिलाखंड का रहस्य!
  • 1141 : चालबाजी!
  • 1142 : प्रभावशाली व्यक्तित्व!
  • 1143 : चुनौती का जाल!
  • 1144 : कौन होगा शिकार?
  • 1145 : आप उसके प्यार में नहीं पड़ सकती!
  • 1146 : छूमंतर गली!
  • 1147 : ये लड़की पागल है!
  • 1148 : चमत्कारी मिट्टी!
  • 1149 : निष्पक्षता पर संदेह!
  • 1150 : भवन प्रमुख महाप्राण से सामना!
  • 1151 : नील को मिली सहस्त्र अनुदेश शिलाखंड की सजा!
  • 1152 : इस बदमाश को साथ ले चलो!
  • 1153 : दिव्य कला परीक्षण महल!
  • 1154 : नील का गलत चुनाव!
  • 1155 : अनन्त मुद्रा का चमत्कार!
  • 1156 : असंभव को संभव करना!
  • 1157 : उच्च स्तरीय परम देव से सामना!
  • 1158 : गुप्त अवतीर्ण शक्ति!
  • 1159 : त्यागी परिवार और चमत्कारी मिट्टी!
  • 1160 : रहस्यमयी गुफा!
  • 1161 : रहस्यमय जीवों के बीच फंसा नील!
  • 1162 : कड़ाही में तैरता सिर!
  • 1163 : तैरते द्वीप से आये व्यक्ति ने किया नील पर हमला!
  • 1164 : बेशर्मी की हद!
  • 1165 : ये बच्चा कभी भी तैरते द्वीप पर नहीं पहुंच पायेगा!
  • 1166 : काल विकर्षक!
  • 1167 : पुराने दुश्मन से सामना!
  • 1168 : दिव्य मुद्राओं का रहस्य!
  • 1169 : निशाने पर नील
  • 1170 : देवताओं का अखाड़ा!
  • 1171 : कर्मश देव की खबर!
  • 1172 : शीर्ष प्रकृति महल खतरे में!
  • 1173 : एकमात्र उपाय!
  • 1174 : फंस गया बेचारा!
  • 1175 : पुराना प्यार और नई तकरार!
  • 1176 : रमन पुष्यवंशी की गन्दी हरकतें!
  • 1177 : अनुमान की पुष्टि!
  • 1178 : उकसावा और परिणाम!
  • 1179 : युवांश शुंगवंशी के सामना!
  • 1180 : मौत का साया!
  • 1181 : प्रेम की पराकाष्ठा!
  • 1182 : कोमलांगी का हस्तक्षेप!
  • 1183 : कोमलांगी की शर्त!
  • 1184 : निराशा या अवसर!
  • 1185 : कोमलांगी का शक!
  • 1186 : पहचान उजागर!
  • 1187 : अनोखा संयोग, या पूर्व निर्धारित व्यवस्था?
  • 1188 : अतीत और वर्तमान का मायाजाल!
  • 1189 : महान परिवारों की गुप्त योजना!
  • 1190 : हिम प्रतीक दिव्य कला!
  • 1191 : सभी के निशाने पर नील!
  • 1192 : सार्वजानिक मुकाबला!
  • 1193 : प्रलय देव की बेटी से सामना!
  • 1194 : स्वामिभक्ति और दृढ निश्चय की प्रतिमूर्ति!
  • 1195 : कर्मश देव का गुप्त संकेत!
  • 1196 : तुमने गलत प्रतिद्वंद्वी को चुन लिया है!
  • 1197 : क्लिष्ठ जल दिव्य कला!
  • 1198 : "अज्ञात" का पता चल गया!
  • 1199 : यशिता शिशुनाग से सामना!
  • 1200 : रक्त विनाश दंश!
  • 1201 : प्रतिशोधी हत्या शरीर!
  • 1202 : नील की हार!
  • 1203 : आख़िरकार, नील बना परम देव!
  • 1204 : वायुपुत्र परिवार के तैरते द्वीप का अंत?
  • 1205 : अंतिम वरीयता सूची और "अज्ञात" के लिए घमासान!
  • 1206 : सुराही के आकार का क्षेत्र
  • 1207 : नील की नई अड़चन!
  • 1208 : देव शिल्पकार त्रिकाल देव!
  • 1209 : जोशिका का नील पर संदेह!
  • 1210 : सारे दुश्मन एक साथ!
  • 1211 : समय सागर की निषिद्ध भूमि में प्रवेश!
  • 1212 : भूमिका की जान खतरे में!
  • 1213 : कोमलांगी की चिंता!
  • 1214 : अनंत दिव्य लोक की उत्पत्ति का रहस्य और अंतर्ज्ञान की प्राप्ति!
  • 1215 : सभी परम देव हुए नील के खिलाफ!
  • 1216 : देवी की प्रतिमा?
  • 1217 : यमेन्द्र शिशुनाग से सामना!
  • 1218 : खुल गया अज्ञात का भेद
  • 1219 : नाजुक स्थिति!
  • 1220 : तामसिक चातकों का हमला!
  • 1221 : पाताल दूतों से सामना!
  • 1222 : जीवन-मरण की स्थिति!
  • 1223 : स्वर्ण पाताल कवच!
  • 1224 : आत्मा अंकुश पिशाचों के बीच घिरा नील!
  • 1225 : शक्ति देवों को हुआ नील पर शक!
  • 1226 : अज्ञात राक्षसी जीव का हमला!
  • 1227 : शीर्ष परम देवों का जान बचाकर भागना!
  • 1228 : नील की वास्तविक पहचान हुई उजागर!
  • 1229 : जोशिका ने किया नील पर हमला!
  • 1230 : कालदंत!
  • 1231 : संप्रभु नाग मुद्रा!
  • 1232 : जीवन या मृत्यु का चुनाव!
  • 1233 : चेतावनी और मदद!
  • 1234 : स्वर्ण गिद्धों से सामना और दुश्मन से मुलाकात!
  • 1235 : दुश्मन की मदद या कोई नई साजिश?
  • 1236 : संप्रभु नाग मुद्रा को पाने की योजना!
  • 1237 : दीप्ति चक्र मंदिर!
  • 1239 : स्वर्गीय नाग सम्राट से सामना!
  • 1240 : घमासान युद्ध और दीप्ति चक्र मंदिर का अंत!
  • 1241 : संप्रभु नाग मुद्रा की अविश्वसनीय क्षमता!
  • 1242 : त्यागराज का घात!
  • 1243 : संप्रभु नाग मुद्रा का छिपा हुआ रहस्य!
  • 1244 : निषिद्ध भूमि से बाहर आया नील!
  • 1245 : प्रहस्त देव के कब्जे में नील!
  • 1246 : गुलाब की पंखुड़ी!
  • 1247 : शीर्ष परम देवों के जीवन का निर्णय!
  • 1248 : युद्ध कला का वास्तविक अर्थ?
  • 1249 : पूर्ण साधना सूत्र!
  • 1250 : काली छाया!
  • 1251 : नाम नया, पहचान वही!
  • 1252 : हिमांशी का निर्णायक कदम!
  • 1253 : मृत्युंजय महल में घुसपैठ!
  • 1254 : तात श्री का उपहार!
  • 1255 : नील को पता चली पिता की आगे की योजना!
  • 1256 : नीलिमा का निर्णय!
  • 1257 : गुप्त कला सम्मेलन और रहस्यमय कंकाल!
  • 1258 : दिव्य धर्म क्षेत्र की यात्रा!
  • 1259 : लुटेरों का अंत!
  • 1260 : दुर्लभ संस्कृत सूत्र!
  • 1261 : मेघ तलवार नगर के नगर प्रमुख से सामना!
  • 1262 : वास्तविक अर्थ की आत्मा तलवारें!
  • 1263 : परीक्षा का पहला चरण!
  • 1264 : रक्त विद्युत अग्नि तलवार का सामना और एक बड़ी भूल!
  • 1265 : अद्भुत सौंदर्य और प्रतिभा का अद्वितीय संगम!
  • 1266 : परीक्षण का दूसरा चरण!
  • 1267 : पूर्ण संहार क्षेत्र के भयानक जीव और बुजुर्ग श्रीकांत!
  • 1268 : तीन शीर्ष परम देवों का सामना!
  • 1269 : अनंत दिव्य लोक और वीरेंद्र देव का रहस्य!
  • 1270 : पुनर्मिलन!
  • 1271 : दुश्मनों से फिर से सामना!
  • 1272 : आत्मघाती अभियान!
  • 1273 : रक्तदंती सम्राट!
  • 1274 : दिव्य वसंत की बूँदें!
  • 1275 : भूमिपुत्र परिवार के उच्च स्तरीय परम देव का हमला
  • 1276 : अच्छी और बुरी भावनाओं का एक साथ हावी होना
  • 1277 : सबसे बड़ा डर
  • 1278 : अभय अवतार
  • 1279 : भय अवतारों से घिरा समूह
  • 1280 : भौमासुर और रहस्यमय महिला
  • 1281 : सर्पात्मा और साँपों का समुद्र
  • 1282 : एक और मुसीबत
  • 1283 : अद्वैत तलवार
  • 1284 : मानव दीवार
  • 1285 : गुप्त कला सम्मेलन के अनसुलझे रहस्य
  • 1286 : लंबे बालों वाली महिला का सच
  • 1287 : विरासत को पाने की शर्त
  • 1288 : आत्मा पुंजक सुई
  • 1289 : दुश्मन के हाथ लगी विरासत?
  • 1290 : रिवांश देव का जानलेवा हमला
  • 1291 : भौमासुर का आक्रमण
  • 1292 : विरुधा की छाया
  • 1293 : चीटियों का चौतरफा पलटवार
  • 1294 : क्योंकि, वो मेरा बेटा है
  • 1295 : दुर्भाग्य का अंत
  • 1296 : सहस्त्र संस्कृत आयाम
  • 1297 : सूर्यवंश का अंतिम उत्तराधिकारी
  • 1298 : मेरे नाना श्री कौन हैं
  • 1299 : सूर्यवंश की अंतिम आशा और अरिघात तलवार
  • 1300 : अरिघात तलवार को पाने की परीक्षा
  • 1301 : इतने सारे संयोग एक साथ
  • 1302 : हमारा भविष्य अब तुम्हारे हाथों में हैं
  • 1303 : सूर्य महल में प्रवेश
  • 1304 : सारे प्रयास व्यर्थ
  • 1305 : अरिघात तलवार का प्रतिघात
  • 1306 : आत्मा और तलवार आत्मा के बीच का संघर्ष
  • 1307 : खेल ख़त्म करने का समय
  • 1308 : माँ की खोज
  • 1309 : आत्मा कर्दम का रहस्य
  • 1310 : नील बना मध्यम स्तरीय परम देव
  • 1311 : माँ का बलिदान
  • 1312 : नील गिरा असीम अराजकता में
  • 1313 : वृहद देव और नई साधना पद्धति
  • 1314 : सूर्यवंश की रक्तरेखा
  • 1315 : वृहद अस्थियों की खोज
  • 1316 : सिद्ध लोक के वंशज
  • 1317 : शीर्ष तीन महान कुल और उनकी दुश्मनी
  • 1318 : धोखेबाज़ लुटेरे
  • 1319 : दोस्त की जान खतरे में
  • 1320 : वृहद देव की प्रचंड शक्ति
  • 1321 : न्याय का प्रकाश
  • 1322 : सूर्यवंश का गढ़ और नए दुश्मन
  • 1323 : अलग थलग पड़ना!
  • 1324 : कुरुवंश का षड़यंत्र
  • 1325 : एक मच्छर की शक्ति!
  • 1326 : नील की अस्वीकृति!
  • 1327 : मैं ये रक्तरेखा अस्थियां नहीं दूंगा!
  • 1328 : रक्त शुद्धि परीक्षण!
  • 1329 : निम्न स्तर की रक्तरेखा
  • 1330 : निर्वासित का समूह और रक्तरेखा!
  • 1331 : गुप्त वार्ता!
  • 1332 : भौतिक शुद्धिकरण और निर्वाण देव!(Disclaimer )
  • 1333 : पक्षपातपूर्ण व्यवहार!
  • 1334 : अंतहीन यातना!
  • 1335 : एकादश और उसकी दृढ़ता!
  • 1336 : दुर्भाग्य में भी सौभाग्य है!
  • 1337 : हीरे के आकार की हड्डी!(Disclaimer )
  • 1338 : सूर्यवंश और कुरुवंश का युद्ध!
  • 1339 : विराज बनाम तामसी!
  • 1340 : सूर्यवंश की आखिरी उम्मीद!
  • 1341 : शुद्ध शक्ति की प्रतियोगिता!
  • 1342 : शून्यता और मोहभंग का वास्तविक अर्थ!( Disclaimer )
  • 1343 : निर्वासित का हस्तक्षेप!
  • 1344 : विनाशकारी आभा!
  • 1345 : दुर्जन देव और अस्थि बाण का प्रयोग!
  • 1346 : द्वंद्वयुद्ध का परिणाम!
  • 1347 : इंद्रधनुष वाली आकृति!( for Disclaimer )
  • 1348 : सच और झूठ का खेल!
  • 1349 : यामिक वंश का पलटवार!
  • 1350 : मोहरा या विश्वासघाती
  • 1351 : मुश्किल में पड़ी शिविका!
  • 1352 : मृत्युंजय महल की दुर्दशा!
  • 1353 : दंडक वन पर नियंत्रण!
  • 1354 : एकादश से पहली मुलाकात!
  • 1355 : प्राचीन अराजक देव की रक्तरेखा शक्ति!
  • 1356 : कुरुवंश की घातक चाल!
  • 1357 : चक्रज की हत्या!
  • 1358 : निर्णायक घड़ी!
  • 1359 : दुश्मनों का पलटवार!
  • 1360 : सर्व जीव समता की शक्ति!
  • 1361 : कात्यायनी की जान खतरे में!
  • 1362 : छिप कर घात!
  • 1363 : अकेले चार निर्वासितों का सामना करना!
  • 1364 : दुर्जन देव का अंत!
  • 1365 : उल्टा पड़ा दांव!
  • 1366 : शिला रक्षक!
  • 1367 : परित्यक्त कारागार!
  • 1368 : निशंक, निशंकरी और लोमदंश की तिकड़ी!
  • 1369 : हरित नक्षत्र हथेली!
  • 1370 : शिला रक्षक का सामना!
  • 1371 : शिला रक्षक की गिरफ्त में नील!
  • 1372 : महान सम्राट शल्य देव!
  • 1373 : असंभव योजना!
  • 1374 : नील बना शीर्ष परम देव!
  • 1375 : आकाश दर्पण कवच!
  • 1376 : मुझे मेरे पिता की योजना पर विश्वास है!
  • 1377 : घुसपैठिए की खोज!
  • 1378 : गुप्त विद्युत दिव्य शिलालेख!
  • 1379 : प्रहस्त देव के चक्रव्यूह में फंसता नील!
  • 1380 : एक और घात!
  • 1381 : एक अकेला सब पर भारी!
  • 1382 : तिमांश देव की गुप्त योजना!
  • 1383 : यामिनी और दिव्यांशी अनंत दिव्य लोक में!
  • 1384 : हमारे बीच कोई गद्दार है!
  • 1385 : कुलीन गठबंधन का निर्वाण देवों से सामना!
  • 1386 : सौदा या धोखा!
  • 1387 : प्रहस्त देव का पुराना दुश्मन!
  • 1388 : कुरुवंश की नई योजना!
  • 1389 : तमिश के डगमगाते कदम!
  • 1390 : आमंतक प्रान्त की मुठभेड़!
  • 1391 : मित्र की दुर्दशा!
  • 1392 : दुष्ट आत्मा क्षेत्र में प्रवेश!
  • 1393 : गुफा में कैद हुआ समूह!
  • 1394 : पाताल अग्नि और भू पिशाच!(For Disclaimer )
  • 1395 : मृत्यु अटल है!
  • 1396 : पुनर्जन्म के स्थान!
  • 1397 : पाषाण मूषक की चाल!
  • 1398 : सूर्यवंश के नौ कुल प्रमुख!
  • 1399 : आत्मा कौवे से सामना!
  • 1400 : धारेंद्र देव का पुनर्जन्म!( For Disclaimer )
  • 1401 : शत्रुओं की आहट!
  • 1402 : खतरनाक दानव पाताल क्षेत्र!
  • 1403 : बौद्धिक राक्षसों का कहर!
  • 1404 : तमिश बना बौद्धिक राक्षस का शिकार!
  • 1405 : गुप्त दिव्य क्षमता!
  • 1406 : दानव पाताल क्षेत्र में प्रवेश!
  • 1407 : महादानवों की योजना!
  • 1408 : सुनहरा अवसर!
  • 1409 : मृत भूमि!
  • 1410 : तीनों समूह आये आमने सामने!
  • 1411 : दोस्त ही बने दुश्मन!
  • 1412 : सच्चाई से सामना!
  • 1413 : काले आँखों की जोड़ी!
  • 1414 : श्वेताम्बर देव का सामना!
  • 1415 : मृत सागर और अज्ञात भय!
  • 1416 : भय की शक्ति और उज्जवल तलवार आयाम!
  • 1417 : स्वर्ण ज्वाला पुंज और तम पिशाच की शक्ति!
  • 1418 : दो दो नील!
  • 1419 : रहस्यमय हिम महल और गर्भासुर का अंत!
  • 1420 : राक्षसी जीवों की अजीब हरकतें!
  • 1421 : मृत सागर और रहस्यमय महिला!
  • 1422 : सभी परम देवों को मार दो!
  • 1423 : अँधेरा महल और भय की आहट!
  • 1424 : भय की अज्ञात शक्ति!
  • 1425 : हिम समाधि और रहस्यमय बच्ची!
  • 1426 : बर्फ की दुनिया और हिम दैत्य!
  • 1427 : लाशों का पहाड़ और बर्फीला ज्वालामुखी!
  • 1428 : शातिर महिला और ज्वाला क्रिस्टल!
  • 1429 : हिम पिशाच और ठंडी हवा का रहस्य!
  • 1430 : अँधेरा आयाम और दो प्रकाश पुंज!
  • 1431 : प्रकाश पुंजों का रहस्य!
  • 1432 : लाल और नीली आँखों वाली बच्चियां!
  • 1433 : श्वेताम्बर देव की महत्वाकांक्षा!
  • 1434 : निर्वाण सागर!
  • 1435 : निर्वाण सागर का रहस्य!
  • 1436 : लाल आँखों वाली बच्ची की स्वीकृति!
  • 1437 : नीली आँखों वाली बच्ची पर अधिकार!
  • 1438 : प्रलय देव से फिर से सामना!
  • 1439 : प्रहस्त देव और नील का निर्णायक युद्ध!
  • 1440 : तुम अब बच नहीं सकते!
  • 1441 : विद्रोह!
  • 1442 : मातृ और पितृ ऊर्जा हांडी!
  • 1443 : जोशिका की मृत्यु!
  • 1444 : हताशा भरा प्रयास!
  • 1445 : अंतिम उपहार!
  • 1446 : उस महिला का रहस्य!
  • 1447 : दिव्य सम्राट की मृत्यु की खबर!
  • 1448 : दानव पाताल क्षेत्र का नियंत्रक!
  • 1449 : दिव्य अश्वत्थ सरणी का सामना!
  • 1450 : वीरेंद्र देव की दयनीय हालत!
  • 1451 : पिता से पहली मुलाकात!
  • 1452 : मृत्युंजय महल में वापसी!
  • 1453 : श्वेताम्बर देव की योजना!
  • 1454 : विराट लोक में पुनर्जन्म!
  • 1455 : व्यक्तिगत स्वार्थ और सार्वभौमिक युद्ध!
  • 1456 : छोटी बात!
  • 1457 : मूल निर्वाण बंधन टूट गया!(For Disclaimer )
  • 1458 : रक्त बीज!
  • 1459 : एक महीने की मोहलत!
  • 1460 : वास्तविक अर्थ की पूर्णता!
  • 1461 : निर्वाण सागर के लुटेरे!
  • 1462 : कर्म का फल!(For Disclaimer )
  • 1463 : त्रिकाल देव की मृत्यु!
  • 1464 : नील की पहचान उजागर!
  • 1465 : नया अभियान!
  • 1466 : निषिद्ध हथियार!
  • 1467 : जद्दोजहद!(For Disclaimer )
  • 1468 : कुरुवंशी मुद्रा की प्रतिक्रिया!
  • 1469 : स्वर्ग रक्षक महल का सदस्य!
  • 1470 : रहस्यमय मेघ पर्वत में हार!
  • 1471 : क्रूरता और पलायन!
  • 1472 : एकमात्र अवसर!
  • 1473 : मौन राजदंड की शक्ति का तोड़!
  • 1474 : नील बनाम मधुकांत!
  • 1475 : दानव पाताल क्षेत्र की विनाशकारी शक्ति!
  • 1476 : नियति के चक्र से कोई नहीं बच सकता!
  • 1477 : पवित्र धारा और रत्न जैसी चीज़!
  • 1478 : नए शक्ति देव का जन्म!
  • 1479 : उन्होंने हमें ढूंढ लिया है!
  • 1480 : सूर्यवंश का घात और पलटवार!
  • 1481 : समय आयाम और अनोखा बच्चा!
  • 1482 : मुझे निगलना चाहते हो।
  • 1483 : समय आयाम और अनोखा बच्चा!
  • 1484 : मुझे निगलना चाहते हो।
  • 1485 : अनंत अनुदेश शिलाखंड की बिजली का सामना!
  • 1486 : अंतिम आघात!
  • 1487 : अंतिम कड़ी भी टूट गई!
  • 1488 : उद्धारक!
  • 1489 : अनंत दिव्य लोक का नया शासक!
  • 1490 : पुनर्जन्म!
  • 1491 : विराट लोक में वापसी!
  • 1492 : हरी ज्वाला में कुछ गड़बड़ है!
  • 1493 : हरित कठपुतली सैनिकों का हमला!
  • 1494 : एक भाग्य पुरुष!
  • 1495 : त्रिकाल देव का आदेश!
  • 1502 : अनिष्ट देव को मिली मुक्ति!
  • 1503 : चालाक कर्ण मूषक जाति!
  • 1505 : तलवार रक्षक की दुष्ट आत्मा!
  • 1508 : एकादश का आदेश!
  • 1510 : भवन प्रमुख की नाराजगी!
  • 1511 : एक तीर से दो निशाने!

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